किसान मोर्चे से दिल्ली के अस्पतालों में जायेगा खाना व जरूरी सामान

*सभी बोर्डर्स पर वोलेंटियर कर रहे पूरी मदद*

*भय का माहौल बनाकर आंदोलन खत्म नहीं कर सकती सरकार*

सयुंक्त किसान मोर्चा के घटक दलों के समन्वय के तहत दिल्ली के अनेक बोर्डर्स पर बैठे किसानों द्वारा दिल्ली के हस्पतालों में खाने के पैकेट व अन्य जरूरी वस्तुओं भेजी जाएगी। गाज़ीपुर बॉर्डर पर पहले से ही किसान मोर्चे के वालंटियर दिल्ली के बस अड्डो, स्टेशनों व हस्पतालों में खाना वितरित कर रहे है। कल से सिंघु बॉर्डर पर भी पैकिंग की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। टिकरी बॉर्डर पर एक समूह ने सेवाओं की घोषणा करते हुए दिल्ली में किसी भी जरूरतमंद को खाने की समस्या है तो वे किसान मोर्चे से संपर्क कर सकते है।

सरकारी तंत्र के फैल होने पर देश के नागरिक खुद एक दूसरे की मदद कर रहे है। दिल्ली में स्वास्थ्य व्यवस्था का बुरा हाल होने पर लोगों का एक दूसरे की सेवा करना बंधुत्व एवं एकता की मिशाल है। किसान मोर्चे के रास्ते मे जो भी ऑक्सिजन या अन्य सेवाएं लेकर वाहन पहुंच रहे है, वालंटियर उन वाहनों को पूरी मदद करके गन्तव्य स्थान पर पहुँचने में मदद कर रहे है। किसानों का यह आंदोलन मानवीय मूल्यों का आदर करता है।

किसान नेताओ का कहना है कि हम कोरोना संक्रमण के तकनीकी पक्ष से वाकिफ है परंतु सरकार इसे अपने लिए ढलान न बनाएं। कोरोना से लड़ने की बजाय इसके बहाने देश मे विरोध की आवाज को नहीं दबा सकती। किसान अपनी फसल के उचित दामों की सुरक्षा के लिए लड़ रहे है कहीं भी नाजायज नहीं है। कॉरपोरेट घरानों को खुश रखने की चाह में किसानो के आंदोलन को खत्म करना सरकार का मकसद हो सकता है परंतु किसान तीनों कानूनो की वापसी व MSP की कानूनी मान्यता न मिलने तक इस आंदोलन को वापस नहीं लेंगे।

जारीकर्ता - अभिमन्यु कोहाड़, बलवीर सिंह राजेवाल, डॉ दर्शन पाल, गुरनाम सिंह चढूनी, हनन मौला, जगजीत सिंह डल्लेवाल, जोगिंदर सिंह उग्राहां, युद्धवीर सिंह, योगेंद्र यादव

*सयुंक्त किसान मोर्चा*

samyuktkisanmorcha@gmail.com