सरकार का प्रस्ताव किसानों को स्वीकार्य नहीं
सरकार का प्रस्ताव किसानों को स्वीकार्य नहीं संयुक्त किसान मोर्चा की आम सभा में सरकार द्वारा कल रखे गए प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया गया।  तीन केंद्रीय कृषि कानूनों को पूरी तरह रद्द करने और सभी किसानों के लिए सभी फसलों पर लाभदायक एमएसपी के लिए एक कानून बनाने की बात, इस आंदोलन की मुख्य मांगो के रूप मे…
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कृषि कानूनों के खिलाफ लखनऊ में किसानों का अनिश्चितकालीन धरना शुरू
कृषि कानूनों के खिलाफ लखनऊ में किसानों का अनिश्चितकालीन धरना शुरू पुरुषोत्तम शर्मा कृषि कानूनों की वापसी और राज्य में गन्ने के भुगतान आदि की मांग पर भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) लोकतांत्रिक के राष्ट्रीय अध्यक्ष और चर्चित किसान नेता राकेश सिंह चौहान के नेतृत्व में 17 जनवरी से किसानों का अनिश्चितक…
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एनआईए के जरिये किसान आंदोलन को दबाने की कड़ी निंदा
*53 वाँ दिन, 16 जनवरी 2021* एनआईए के जरिये किसान आंदोलन को दबाने की कड़ी निंदा सरकार साथ वार्ता के दौरान भी NIA द्वारा आंदोलनकारियों को भेजे जा रहे नोटिसों के बारे में शिकायत की गई थी। मंत्रियो ने इस मुद्दे पर विचार करने का आश्वासन दिया था. इसके बावजूद आज भी आंदोलनकारियों को नोटिस मिलना सरकार की बे…
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किसानों के नाम खुला पत्र
किसानों के नाम खुला पत्र -  बलबीर सिंह राजेवाल (14 जनवरी के पंजाबी ट्रिब्यून में छपे पत्र का हिंदी अनुवाद - हरिंदर)  सम्मानित किसान भाइयों-बहनों,               वर्तमान में हम केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए तीन किसान विरोधी कानूनों को निरस्त करवाने के लिए आंदोलन कर रहे हैं।  दुनिया में उस दृढ़ता औ…
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गरीबों, दलितों, आदिवासियों, भूमिहीनों की खाद्य सुरक्षा की लड़ाई भी लड़ रहे हैं किसान - दो
गरीबों, दलितों, आदिवासियों, भूमिहीनों की खाद्य सुरक्षा की लड़ाई भी लड़ रहे हैं किसान - दो  पुरुषोत्तम शर्मा किसान आंदोलन के एजेंडे में कांट्रेक्ट खेती कानून की मार सबसे पहले कैसे दलितों, भूमिहीनों और गरीब किसानों पर पड़ेगी, इसे जानने बाद आइए अब दूसरे कानूनों पर चर्चा करते हैं। कृषि मंडी से संबंधित जि…
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वर्तमान किसान आंदोलन में दलितों-भूमिहीनों का एजेंडा - एक
वर्तमान किसान आंदोलन में दलितों-भूमिहीनों का एजेंडा - एक पुरुषोत्तम शर्मा दिल्ली में किसानों के ऐतिहासिक पड़ाव के साथ ही देश भर में उठ खड़े हुए वर्तमान किसान आंदोलन के साथ देश के दलितों, भूमिहीनों और गरीबों का वैसा जुड़ाव नहीं दिख रहा है, जैसा कि होना चाहिए। तो क्या इस आंदोलन के एजेंडे में सिर्फ किसा…
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