मध्य प्रदेश के मन्दसौर में शहीद किसानों की दूसरी बरसी
मध्य प्रदेश के मन्दसौर में शहीद किसानों की दूसरी बरसी 


किसान आंदोलन में शहीद किसानों की दूसरी बरसी 6 जून को टकरावद में अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति की ओर से श्रद्धांजलि सभा आज, देशभर के 208 किसान संगठन के प्रतिनिधि पहंुचेंगे

पिपलिया स्टेशन (जेपी तेलकार)। मंदसौर किसान आंदोलन पर 6 जून 2017 में हुए पुलिस गोलीचालन में 6 शहीद किसानों की दूसरी बरसी पर ग्राम टकरावद में 208 किसान संगठनों के मंच अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति द्वारा सामूहिक श्रद्धांजलि दी जाएगी। शहीद किसानों को श्रद्धांजलि देने अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय सामिति के राष्ट्रीय संयोजक व राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन अध्यक्ष वीएम सिंह, स्वाभिमानी शेतकारी संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद राजू शेट्टी, पूर्व विधायक और अखिल भारतीय किसान महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री राजारामसिंह, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अखिल भारतीय किसान महासभा प्रेमसिंह गेहलावत, जय किसान आंदोलन के राष्ट्रीय संयोजक अविक साहा, महाराष्ट्र-गुजरात लोक संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष प्रतिभा शिंदे, अखिल भारतीय किसान महासभा मध्यप्रदेश अध्यक्ष जसविंदरसिंह, शेतकारी संगठन महाराष्ट्र की सुशीलाताई मोराड़े, जनआंदोलन समन्वय के राष्ट्रीय समन्वयक मदुरेश सहित विभिन्न किसान संगठनों के 70 किसान नेता दिल्ली से एक बस से चल कर 6 जून की सुबह टकरावद पहुचेंगे। कार्यक्रम से एक दिन पूर्व एक दिन पूर्व पिपलिया में आयोजित पत्रकार वार्ता में किसान संघर्ष समिति के कार्यकारी अध्यक्ष व पूर्व विधायक डॉ सुनीलम ने बताया अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति द्वारा सामूहिक रुप से श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल होने का मकसद देश के किसानों को यह सन्देश देना है कि केंद्र में पुनः किसान विरोधी मोदी सरकार के गठन के बावजूद मन्दसौर के शहीदों की प्रेरणा से बनी किसानों की एकजुटता न केवल कायम रहेगी बल्कि किसान आंदोलन को तेज किया जाएगा तथा केंद्र सरकार से सम्पूर्ण कर्जामुक्ति और लाभकारी मूल्य गारण्टी के कानून संसद में पारित कराए जाएंगे। कमलनाथ सरकार किसानों के भाजपा सरकार द्वारा किये गए गोली चालन से पैदा हुए असंतोष और आक्रोश की देन है। इसके वाबजूद कांग्रेस सरकार द्वारा अब तक किसानों पर दर्ज फर्जी मुकदमे वापस नहीं लिए गए हैं। डॉ सुनीलम ने कहा कि मुकदमे वापस लेने की कानूनी प्रक्रिया भी अदालत तक नहीं पहुंची है। प्रोसेस यह है कि सरकार के निर्देश पर कानून मंत्रालय की ओर से आदेश होने पर मंदसौर जिला अभियोजन अधिकारी द्वारा अदालत के समक्ष यह आवेदन लगाया जाएगा कि लोकहित में प्रकरण वापस लिया जाना आवश्यक है, जिस पर माननीय न्यायालय द्वारा कोई निर्णय किया जाएगा। अब तक मन्दसौर जिला न्यायालय में ऐसा कोई भी आवेदन शासन द्वारा प्रस्तुत नही किया गया है, ना ही 6 किसानों की हत्या के दोषियों पर हत्या का प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तारियां की गई है। डॉ सुनीलम ने मुख्यमंत्री कमलनाथ से अपील करते हुए कहा है मुख्यमंत्री को स्वयं 6 जून को मन्दसौर आकर शहीद किसानों को श्रद्धांजलि देनी चाहिए तथा वचन देना चाहिए कि कांग्रेस शासन में मुलताई की तरह गोली चालन नहीं किया जाएगा, किसानों का सम्पूर्ण कर्जा माफ करने, लाभकारी मूल्य की गारण्टी के लिए कानून लाया जाएगा। साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को टकरावद आकर शहीद किसानों को श्रद्धांजलि देनी चाहिए तथा किसानों से माफी मांग कर गोली चालान भविष्य में नहीं किये जाने की घोषणा भाजपा की ओर से करनी चाहिए। सुनीलम ने आगे बताया मुख्यमंत्री कमलनाथ, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजाध्यक्ष अमित शाह के रहमोकरम पर सरकार चला रहे हैं। जब भी वे ऑक्सीजन की नली खींच देंगे मप्र की सरकार गिर जाएगी। ऐसी परिस्थिति में सरकार को तुरंत किसानों को उनका जायज हक देना चाहिए। किसानों का स्मारक के निर्माण की घोषणा भी तुरंत करनी चाहिए।

कार्यक्रम में उपस्थित किसान संगठन के दिलीप पाटीदार ने बताया श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल होने वाले शहीद परिवारों का सम्मान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के केंद्रीय नेतृत्व की ओर से पत्र लिखकर जिलाधीश व पुलिस अधीक्षक से ज्ञापन पत्र देने के लिए समय मांगा गया है व टकरावद पहुंचने का सुझाव दिया गया है ताकि किसानों पर लादे गए फर्जी मुकदमों की वापसी, दोषी अधिकारियों पर हत्या का प्रकरण दर्ज करने, लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने, कर्जा माफी, किसान पेंशन और शहीद किसान स्मारक पर चर्चा की जा सके। प्रेस वार्ता में मन्दसौर जिला पंचायत के उपाध्यक्ष गुणवंत पाटीदार, वरिष्ठ किसान नेता अमृतराम पाटीदार, किसान संघर्ष समिति के प्रदेश महामंत्री राजेन्द्र पुरोहित, नौजवान किसान सभा के अध्यक्ष प्रफुल्ल पाटीदार, मुरली पाटीदार, संजय उपाध्याय, देवेंद्र पाटीदार आदि किसान नेता शामिल हुए।

किसान आंदोलन के बाद देशभर में चर्चित है मंदसौर जिला:-

6 जून 2017 को किसान आंदोलन के छह किसानों की गोली मारकर हत्या कर दी गई, इसके बाद से ही जिला पूरे देश में चर्चित है। इस घटना के बाद विभिन्न पार्टियों के कई बड़े नेता यहां पहंुचे। घटना के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, ज्योतिरादित्य सिंधिया, हार्दिक पटेल आदि को जिले की सीमा पर ही रोक दिया था। डॉ. सुनीलम को भी मंदसौर पहंुचने पर गिरफ्तार कर मंदसौर जेल भेज दिया, दूसरे दिन उन्हें रिहा कर दिया था, इसके विरोध में बूढ़ा में सभा हुई थी। डॉ. सुनीलम ने बताया 6 जुलाई को मेघा पाटकर, पूर्व सांसद राजू शेट्टी व हन्नान मौला, पूर्व विधायक वीएमसिंह के साथ एक हजार किसानों को गिरफ्तार कर दलौदा मंडी में पुलिस हिरासत में रखा था। बाद में 7 जुलाई 2017 से देश के 19 राज्यों में 10 हजार किलोमीटर की किसान मुक्ति यात्रा कर 500 किसान मुक्ति सम्मेलन भी हुए। संसद पर दो बार लाखों किसानों की किसान मुक्ति संसद का आयोजन किया। जिसके पीछे मंदसौर के शहीदों की प्रेरणा थी।