किसान महासभा की 'गांव बचाओ-देश बचाओ-संविधान बचाओ' यात्रा शुरू

किसान महासभा की 'गांव बचाओ-देश बचाओ-संविधान बचाओ' यात्रा शुरू


उमेश सिंह


बिहार में इन्द्रपुरी जलाशय निर्माण किसान संघर्ष यात्रा 20 जनवरी को किसान महासभा के नेतृत्व में सहार में गरीबों के महानायक का0 राम नरेश राम के स्मारक पर माल्यार्पण व श्रद्धांजलि देकर शुरू हुई। यहां सभा को का0सुदामा प्रसाद बिधायक ने संबोधित किया। इसके बाद भोजपुर के किरकिरी,संदेश,पवना में सभा हुई। लसाडी में भी शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। तत्पश्चात वहां से चलकर पीरो पहुंचा, जहां डाक्टर राम मनोहर लोहिया के स्मारक पर माल्यार्पण किया गया और सभा हुई। वहां से यात्रा जगदीशपुर पहुंची, जहाँ स्वतंत्रता सेनानी बाबू वीर कुंवर सिंह के स्मारक पर माल्यार्पण किया गया तत्पश्चात सभा को संबोधित किया गया। वहां से यात्रा आगे बढते हुए उतरदाहा गांव पहुंची जहाँ ग्रामीण सभा हुई। 


हर जगह लोगों ने उत्साह के साथ अपने किसान नेताओं का माला पहनाकर स्वागत किया और किसान बिरोधी सरकार के खिलाफ नारा लगाया। आज लगभग 120 किलोमीटर का दौरा हुआ। वक्ताओं में किसान महासभा के महासचिव राजाराम सिंह, राज्य अध्यक्ष बिशेश्वर यादव, राज्य सचिव रामाधार सिंह, राज्य सहसचिव कृपा नारायण सिंह, राजेन्द्र पटेल, विधायक सुदामा प्रसाद, पूर्व विधायक व किसान नेता चन्द्रदीप सिंह, पूर्व  विधायक व किसान नेता अरूण सिंह हैं। 


नेताओं ने कहा कि केंद्र व बिहार की सरकार किसानों, बेरोजगारी, शिक्षा व स्वास्थ्य पर चुप्पी साध कर और कभी कश्मीर-पुलवामा, तो कभी राम मंदिर, कभी नागरिकों का रजिस्टर बनाने, नागरिकता संशोधन कानून के नाम पर आम जनता का ध्यान भटकाना चाहती है।


किसान नेताओं ने आगे कहा कि नीतीश सरकार जल जीवन हरियाली की बात कर करोड़ों रुपए बर्बाद कर रही है जबकि इससे काफी कम लागत में कदवन डैम का निर्माण हो सकता है। किन्तु इस दिशा में नहीं सोच रही है। कदवन डैम का निर्माण होता है तो जल जीवन हरियाली की रक्षा भी होगी और किसानों की खुशहाली भी आएगी। 


किसान नेताओं ने NRC,NPR,CAAकी भी बिस्तार से चर्चा करते हुए उसे गरीब बिरोधी संविधान विरोधी बताते हुए उसे तत्काल वापस लेने की मांग उठाई और इस लडाई को आगे बढाने का भी संकल्प लिया। 


किसान नेताओं ने नीतीश पर बिहार की जनता को गुमराह करने का भी आरोप लगाते हुए कहा कि एक तरफ सदन में वोट देकर NRC,NPR,CAA को पारित करते हैं और दूसरे तरफ कहते हैं कि बिहार में हम इसे लागू नहीं करेंगे। सुशील मोदी कहते हैं कि जब यह कानून बन गया है तो यहाँ भी लागू होगा। किन्तु इस पर वो कुछ नहीं बोलते। उनकी यह चालाकी नहीं चलेगी। इसलिए आप किसानों को भी आज सडक पर आना होगा। हमें यह नारा बुलंद करना होगा कि---
खेती बचाओ-किसान बचाओ, गांव बचाओ-देश बचाओ, संविधान बचाओ और कारपोरेट लूट का राज मिटाओ।