ऐसे जजों को न्याय व्यवस्था से बाहर का रास्ता दिखाओ माइ लॉर्ड

ऐसे जजों को न्याय व्यवस्था से बाहर का रास्ता दिखाओ माइ लॉर्ड!


पुरुषोत्तम शर्मा


जो संविधान की जगह मनुस्मृति के आधार पर दे रहे हैं फैसला। इनकी योग्यता कानून व संविधान का ज्ञाता होना नहीं है। ये संविधान के रखवाले नहीं, मनु स्मृति के रखवाले हैं।


गुवाहटी हाई कोर्ट ने तलाक के एक मामले में अजीब फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा है कि अगर विवाहिता हिंदू रीति रिवाज के अनुसार शाखा चूड़ियां और सिंदूर लगाने से इनकार करती है तो यह माना जाएगा कि विवाहिता को शादी अस्वीकार है।


कोर्ट की यह टिप्पणी महिलाओं की स्वतंत्रता और उनके अधिकारों पर सीधा हमला है। इसका प्रतिकार होना चाहिए। ऐसे जजों को न्याय व्यवस्था से बाहर का रास्ता दिखाना चाहिए।